ईवीएम में कैद हुई नई नगर सरकार, कम मतदान ने बढ़ाई भाजपा की चिंता, हार जीत का गुणा भाग करने में लगे भाजपा- काँग्रेस

ईवीएम में कैद हुई नई नगर सरकार, कम मतदान ने बढ़ाई भाजपा की चिंता, हार जीत का गुणा भाग करने में लगे भाजपा- काँग्रेस

  06 Jul 2022

 ■ ईवीएम में कैद हुई नई नगर सरकार
■ 17 को आएगा 184 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
■ शांतिपूर्ण तरीके से निर्विघ्न सम्पन्न हुआ मतदान का महायज्ञ
■ कम मतदान ने बढ़ाई भाजपा की चिंता

■ सिटी चैनल न्यूज नेटवर्क

उज्जैन। नई नगर सरकार के गठन के लिए मतदान का महायज्ञ बुधवार को सम्पन्न हो गया। इसके साथ ही महापौर पद के 5 उम्मीदवारों सहित पार्षद पद के 179 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। दरअसल बुधवार को उज्जैन नगर निगम के 54 पार्षदों और महापौर पद के लिए हुए चुनाव में लोगों उत्साह के साथ भाग लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक शहर भर में बनाये गए 568 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से निर्विघ्न चुनाव
संपन्न हो गया। हालांकि ये बात अलग रही कि इस बार मतदान का प्रतिशत कम रहा और 60 फीसदी से भी कम मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और वोट डालकर नई नगर सरकार के गठन में रुचि दिखाई। महज 59.53 फीसदी वोटरों ने ही इस दौरान मतदान किया। महिला मतदाताओं की संख्या तो महज 56.75 ही रही,जबकि 62.30 फीसदी पुरूष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

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कम मतदान ने बढ़ाई चिंता,लगा रहे हैं जीत हार का गणित

कम मतदान ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है, वहीं कांग्रेस टेंशन फ्री  है क्योंकि उसके पास खोने को कुछ नही है, जो भी है पाना ही है। बहरहाल नगर सरकार के गठन में मतदान को लेकर लोगों में अरुचि और कम मतदान के आंकड़े जारी होते ही दोनों ही राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने गुणा भाग शुरू कर दिया है और अपनी अपनी हार जीत को लेकर जोड़ घटाव कर गणित लगा रहे हैं। हालांकि कम मतदान को लेकर कांग्रेस थोड़ा उत्साहित नजर आ रही है। क्योंकि कम मतदान को सत्तारूढ़ पार्टी के एंटी माना जाता है। लिहाजा कांग्रेस इसे बदलाव के नजरिए से देख रही हैं औऱ अपनी जीत को लेकर आशान्वित है तो भाजपाई भी कम मतदान को नजरअंदाज कर महापौर और अधिकांश पार्षद पदों पर अपनी जीत का  दावा कर रहे हैं। 

■ ईवीएम में कैद उम्मीदवारों की किस्मत स्ट्रांग रूम में बंद

बहरहाल मतदान समाप्ति के साथ ही ईवीएम जमा करवाने का सिलसिला शुरू हो गया है और मतदान कर्मी ईवीएम लेकर इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचने लगे हैं जहां ईवीएम को स्ट्रांग रूम में
जमा कराया जा रहा है अब 17 जुलाई को मतगणना होगी और ईवीएम में कैद महापौर एवं पार्षद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला बाहर आएगा।

मंत्री, सांसद, कलेक्टर ने  सपत्नीक किया मतदान

इससे पहले बुधवार को नगर सरकार बनाने और महापौर और पार्षदो को चुनने के लिए  सुबह 7 बजे से मतदान की शुरुआत होते ही मतदान केंद्रों पर लोगों की वोट डालने के लिए लाइन लगाना शुरू हो गई थी। आम लोगों के साथ मंत्री डॉ मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया सहित कलेक्टर आशीष सिंह ने अपने अपने अपने मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान किया।कलेक्टर आशीष सिंह ने पत्नी के साथ कोठी स्थित मतदान केंद्र पर जाकर मतदान किया।

पहले देवदर्शन फिर मतदान

कांग्रेस और बीजेपी के महापौर पद के प्रत्याशियों ने भी मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान किया। कांग्रेस के महापौर पद के प्रत्याशी महेश परमार ने मतदान से पहले भगवान महाकाल, चिंतामन, और हरसिद्धि मंदिर के दर्शन किए।


बीजेपी प्रत्याशी मुकेश टटवाल ने भी मतदान केंद्र पर जाकर मतदान किया और लोगों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की और मतदान समाप्ति के बाद फ्रीगंज मे अपने साथियों के साथ कुल्फ़ी खाई।

पार्षद पद के प्रत्याशी भी अपने-अपने वार्डों में खुद मतदान करने के साथ ही लोगों से अधिक से अधिक मतदान करवाने की कोशिश में लगे रहे।

 

दिव्यांगजनों ने भो डाला वोट

मतदान का प्रतिशत भले ही कम रहा हो पर नगर सरकार को बनाने के लिए लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और दिव्यांगजनॉ ने भी अपनी असमर्थता के बावजूद भी मतदान केंद्र जाकर मतदान किया

 

दिनभर मॉनिटरिंग करते रहे कलेक्टर एसपी

इधर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए कलेक्टर आशी सिंह और एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला लगातार अधिकारियों के साथ मतदान केन्दों पर जाकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे।

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