मध्यप्रदेश में मानसून की बारिश पर 4 दिन का ब्रेक,लोकल लेवल पर हो सकती है बारिश

मध्यप्रदेश में मानसून की बारिश पर 4 दिन का ब्रेक,लोकल लेवल पर हो सकती है बारिश

  23 Jun 2022

भोपाल. तूफानी एंट्री के बाद मध्यप्रदेश में मानसून की बारिश पर 4 दिन का ब्रेक लगने का अनुमान है। चारों दिन लोकल लेवल पर बनने वाले बादलों (सीबी क्लाउड) की वजह से शाम के बाद अलग-अलग शहरों में बारिश हो सकती है, लेकिन ग्वालियर-चंबल में 4 दिन बाद ही बारिश के आसार हैं। 27 जून से इंदौर, भोपाल समेत पूरे प्रदेश में लगातार चार दिन तेज बारिश होने की संभावना है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह के अनुसार अभी अरब सागर और बंगाल की खाड़ी ब्रांच एक्टिव नहीं है। लो-प्रेशर एरिया बनना बंद हो गया है और इसी वजह से मानसून की बारिश का दौर थम गया है। 26 जून से ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती घेरा एक्टिव होने के संकेत मिल रहे हैं।

बुधवार को भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, खंडवा, मंडला, डिंडोरी में ही हल्की से तेज बारिश हुई। खंडवा के पंधाना क्षेत्र में बुधवार शाम भारी बारिश से भैरूखेड़ा में नाला उफना गया। 18 साल का युवक और वृद्धा बह गए। युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। पूर्व उप सरपंच त्रिलोक पटेल ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े पांच बजे भैरूखेड़ा में तेज बारिश से नाला पूर भर गया। गांव का गणेश (18) और वृद्ध महिला लक्ष्मी बाई खेत से घर लौट रहे थे। दोनों पैदल ही नाला पार कर रहे थे। तेज बहाव में बहने लगे। लक्ष्मी बाई को तो ग्रामीणों ने पकड़ लिया, लेकिन गणेश नाले में डूब गया। कुछ देर बाद गणेश का शव मिला। वहीं, नानखेड़ा के खेत में अरबी निकालने में लगे 14 मजदूर बिजली की चपेट में आ गए। इनमें छह लोग गंभीर घायल हो गए।

आज यहां बारिश

अरब सागर से नमी मिलने के कारण गुरुवार को नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। इधर, बंगाल की खाड़ी से अनूपपुर, मंडला, सतना, रीवा, डिंडोरी, सिंगरौली, शहडोल और जबलपुर हल्की से मध्यम बारिश दो से तीन दिन रहेगी। बंगाल और अरब सागर दोनों तरफ से नमी मिलने के कारण खंडवा, देवास, छिंदवाड़ा, बैतूल और बुरहानपुर में बुधवार को 2 से 3 सेंटीमीटर बारिश हुई। गुरुवार को भी यहां हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

यह सिस्टम बना है अभी
जम्मू के ऊपर चक्रवातीय गतिविधियों के साथ एक ट्रफ साथ है। पूर्व-पश्चिम ट्रफ राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैला है। पश्चिमोत्तर राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय हैं। दक्षिणी महाराष्ट्र से उत्तरी केरल तट के समांतर अपतटीय ट्रफ फैला है। साथ ही पूर्वी झारखंड के साथ ही ओडिशा क्षेत्र के ऊपर भी चक्रवात सक्रिय है। दक्षिण पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, बड़ौदा, शिवपुरी, रीवा से गुजर रही है।

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