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रंगों से सराबोर हुए देवाधिदेव, महाकाल के आँगन में सबसे पहले हुआ होलिका दहन, इतिहास में पहली बार बगैर भक्तों के खेली गई होली

रंगों से सराबोर हुए देवाधिदेव, महाकाल के आँगन में सबसे पहले हुआ होलिका दहन, इतिहास में पहली बार बगैर भक्तों के खेली गई होली

  28 Mar 2021

वीवीएस सेंगर

उज्जैन। लॉक डाउन में वह सब कुछ हो रहा है जो अब तक नहीं हुआ और जिसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उज्जैन का महाकाल मंदिर भी रविवार को इसका गवाह बन गया जब यहाँ भक्तों के बगैर ही होली का त्योहार मनाया गया। दरअसल कोरोना संक्रमण के डर की वजह से संडे को किये गए लॉक डाउन की वजह मंदिर भक्तों के प्रवेश पर पाबंदी रही। ऐसे में अभी तक के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका आया जब महाकाल मंदिर में भक्तों की उपस्थिति के बगैर ही होली मनाई गई। कुल मिलाकर होली मनाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। संध्या आरती के बाद भगवान महाकाल को  अबीर और गुलाल लगाया गया और महाकाल के आंगन में होली भी जलाई गई पर भक्तों की मौजूदगी नहीं रही। केवल मंदिर के पंडे पुजारियों, मीडिया और महाकाल मंदिर के कुछेक कर्मचारी और पुलिसवाले इस दौरान मौजूद रहे। पुजारियों ने ही महाकाल मंदिर के गर्भगृह में होली रंग और गुलाल उड़ाने के साथ महाकाल के आँगन में सबसे पहले होलिका दहन की परम्परा का निर्वहन किया।

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