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सोने के गहनों के लिए हॉलमार्क जल्द ही हो सकता है जरूरी: रामविलास पासवान

सोने के गहनों के लिए हॉलमार्क जल्द ही हो सकता है जरूरी: रामविलास पासवान

  16 Nov 2018

पासवान ने कहा कि बीआईएस ने तीन कैटेगरी 14 कैरट, 18 कैरट और 22 कैरट के लिए हॉलमार्क के मानक तय किये हैं. हम इसे जल्द ही अनिवार्य करने वाले हैं.’’

नई दिल्लीः सरकार देश में बेचे जा रहे सोने के गहनों के लिए जल्द ही हॉलमार्क अनिवार्य करने पर विचार कर रही है. खाद्य और उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी. पासवान ने भारतीय मानक ब्यूरो-ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) द्वारा विश्व मानक दिवस के उपलक्ष्य में मनाये जा रहे ‘वैश्विक मानक और चौथे औद्योगिक क्रांति’ समारोह में कहा, ‘‘बीआईएस ने तीन कैटेगरी 14 कैरट, 18 कैरट और 22 कैरट के लिए हॉलमार्क के मानक तय किये हैं. हम इसे जल्द ही अनिवार्य करने वाले हैं.’’

अभी हॉलमार्क ज्वैलरी मैन्यूफैक्चर्रस की मर्जी पर निर्भर करता है. यह सोने की शुद्धता का मानक है. इसका प्रशासनिक प्राधिकरण बीआईएस के पास है जो उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत आता है. रामविलास पासवान ने उपभोक्ताओं के हित में मानक अपनाने की जरूरत पर जोर दिया. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि इसको कब से लागू किया जाएगा.

मंत्री ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति स्मार्ट टेक्नोलॉजी की होगी और बीआईएस के सामने यह चुनौती है कि वह मानक तय करने का काम तेज करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश इस क्षेत्र में पीछे नहीं छूटेगा. पासवान ने इस मौके पर बीआईएस की नयी वेबसाइट की शुरुआत की और स्मार्ट मैन्यूफैक्चरिंग के बारे में रिपोर्ट जारी की.

उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री सी आर चौधरी ने भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी नयी स्मार्ट टेक्नोलॉजी के लिये मानक तय करने पर चर्चा करना समय की जरूरत है.

बीआईएस की डायरेक्टर जनरल सुरीना राजन ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति में इस्तेमाल होने वाली स्मार्ट टेक्नोलॉजी के मानकीकरण के अध्ययन के लिए समितियां पहले ही गठित की जा चुकी हैं. इस क्रांति में मशीनें भी इंसानों की तरह काम कर रही होंगी.

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