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बटुकजी के वीटो पावर के आगे एसपीजी ने भी मानी हार, कमलनाथ के आग्रह पर प्रियंका का हुआ रोड शो

बटुकजी के वीटो पावर के आगे एसपीजी ने भी मानी हार, कमलनाथ के आग्रह पर प्रियंका का हुआ रोड शो

  13 May 2019

वीवीएस सेंगर

उज्जैन। बटुकशंकर जोशी भले ही न तो विधायक हैं और न ही मंत्री। संगठन में भी उनके पास कोई अहम पद नहीं है लेकिन कांग्रेस में उनका कद क्या है सोमवार को उन्होंने फिर ये दिखा दिया और अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर एसपीजी की आपत्ति के बाद भी कांग्रेस की महासचिव और स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी का न केवल रोड शो करवा दिया बल्कि कांग्रेसियों में नया जोश भर दिया। गौर करने की बात ये रही कि इस पूरे घटनाक्रम में बटुकजी कहीं भी नजर नहीं आये।

कांग्रेस प्रवक्ता विवेक गुप्ता के मुताबिक आख़िरी चरण में उज्जैन सहित इंदौर, देवास, रतलाम, मंदसौर आदि सीटों के लिए 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में प्रियंका गांधी का 13 मई का मध्य प्रदेश दौरा तय किया गया था। प्रियंका गांधी के मध्य प्रदेश दौरे में उज्जैन के साथ कंजूसी कर ली गई और कार्यक्रम इस तरह तय किया गया कि उज्जैन के खाते में प्रियंका गांधी के महाकाल दर्शन का कार्यक्रम ही आया। इसके तहत उन्हें दिल्ली से पहले इंदौर आना था और वहाँ से हेलिकॉप्टर से उज्जैन आकर भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद रतलाम में चुनावी सभा लेनी थी और वहाँ से वापस इंदौर जाकर कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी के पक्ष में रोड शो करना था। चूंकि दौरा कार्यक्रम के निर्धारण में उज्जैन के साथ कंजूसी बरती गई थी लिहाजा कांग्रेसियों में मायूसी थी। लिहाजा हर जिम्मेदार इस जुगत में लग गया कि प्रियंका के भगवान महाकाल दर्शन के बाद हैलीपैड जाने के कार्यक्रम को रोड शो में तब्दील करवा लिया जाए। कुछ जिम्मदारों ने इसके लिए कोशिश भी की लेकिन एसपीजी ने बतौर सुरक्षा कारण प्रियंका गांधी के रोड शो की साफ मनाही कर दी।
ऐसे में आखिर में ये जिम्मेदारी उज्जैन में कांग्रेस के ‘जामवंत’ डॉ बटुकशंकर जोशी को दी गई। प्रियंका गांधी के दौरे से ठीक एक दिन पहले उन्होंने भोपाल सीएम हाउस फोन लगाकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बटुकजी को पूरी तरह आश्वस्त तो नहीं किया लेकिन ये जरूर कह दिया कि वे कोशिश करते हैं। आखिर तक यही स्थिति बनी रही। लिहाजा कांग्रेसियों ने महाकाल मंदिर से तोपखाना, दौलतगंज चौराहा, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा माता चौराहा, टावर चौक से तीन बत्ती तक प्रियंका के रोड शो की तैयारियां कर लीं।लेकिन प्रियंका गांधी के उज्जैन पहुंचने और भगवान महाकाल के दर्शन के बाद भी एसपीजी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोड शो के लिए मना कर दिया। ऐसे में प्रियंका गांधी का काफिला महाकाल मंदिर से वापस हेलीपेड के लिए रवाना भी हो गया और बेगमबाग तक पहुंच गया। इस बीच बटुकशंकर जोशी ने फिर मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की और अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करते हुये प्रियंका गांधी का रोड शो करवाने का दबाव बनाया तो प्रियंका गांधी के साथ कार में सवार मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फिर प्रियंका गांधी से रोड शो के लिए आग्रह किया और उज्जैन में अपने सबसे खास बटुकजी से 40 सालों के संबंधों का जिक्र किया तो प्रियंका गांधी ने एसपजी की आपत्ति को खारिज कर रोड शो के लिए हामी भर दी। बस फिर क्या था ड्राइवर ने तुरंत बेगमबाग से कोट मोहल्ले की तरफ टर्न लेते हुए तोपखाने की तरफ गाड़ी मोड़ दी। इस बीच प्रियंका गांधी और सीएम कमलनाथ गाड़ी की छत पर आ गए और सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों का अभिवादन करते हुए रोड शो शुरू कर दिया। तोपखाना, दौलत गंज चौराहा, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा माता चौराहा होते हुए प्रियंका का रोड शो टावर चौक होते हुए तीन बत्ती चौराहा पहुंच गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर प्रियंका गांधी को करीब से देखा और उनमें न केवल भविष्य का नेता तलाशा बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अक्स देखा।

हालांकि इस घटनाक्रम के बाद बटुक जी ने एक बार फिर कांग्रेस में अपना कद साबित कर दिया है कि वीटो पावर उन्हीं के पास है।

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