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भूखी माता पर हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार,

भूखी माता पर हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार,

  15 Mar 2019

आरोपियों ने धोखे से मृतक की पीठ में घोंपा था खंजर

◆ब्याज के पैसों के लेनदेन का था विवाद

■वीवीएस सेंगर
उज्जैन। 4 दिन पहले भूखी माता के समीप शिप्रा नदी के बीचोंबीच रपट पर हुई बहादुर गंज निवासी युवक की चाकुओं से गोदकर की गई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने अंधे हत्याकांड के इस सनसनीखेज मामले में सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

शुक्रवार की शाम पुलिस कप्तान सचिन अतुलकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर इसका खुलासा किया। एसपी के मुताबिक हत्या करने वाले युवक सोनू परमार उर्फ डुई निवासी ब्राहमण गली विवेक उर्फ गोलू निवासी मालीपुरा, पंकज गोयल निवासी बहादुरगंज और अंकित उर्फ पायलट निवासी लाल मस्जिद बहादुरगंज हैं। 11 मार्च को हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार हो गए थे और मुंबई भागने की फिराक में थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने आज उन्हें घेराबंदी कर देवास गेट बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर के मुताबिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोनू परमार है उसका मृतक मोनू ठाकुर से ब्याज के पैसों के लेनदेन को लेकरविवाद चल रहा था । दरअसल सोनू ने करीब 3 महीने पहले मोनू से अपने एक परिचित वीरेंद्र चाय वाले को 30000 रुपये ब्याज दिलाये थे। ब्याज पर रुपए लेने केे बाद वीरेंद्र शहर छोड़ कर चला गया। इस पर मोनू वीरेंद्र को पैसा दिलाने वाले सोनू से पैसों का तकादा करने लगा और दो तीन बार उसके घर पर जाकर भी धमकी दी और गाली गलौच किया। मोनू का ये व्यवहार सोनू को अखरने लगा लिहाजा उसने अपने 3 अन्य दोस्तों विवेक उर्फ गोलू,पंकज गोयल, अंकित पूर्व पायलट के साथ मिलकर मोनू को जान से खत्म करने की योजना बनाई और घटना वाले दिन क्षीरसागर से मोनू ठाकुर को फोन लगाया कि भूखी माता पर वीरेंद्र चाय की गुमटी पर काम करता है।वो भूखी माता चलकर उसकी बात वीरेंद्र से कर देता है और दो बाइक से अपने साथियों के साथ मोनू को लेकर भूखी माता गया। यहाँ पीछे से अंकित ने मोनू के सिर पर वार किया जिससे वह औंधे मुंह रपट पर गिर गया फिर चारों ने चाकुओं से उसे बुरी तरह गोद दिया और हत्या कर दी। मोनू को मौत के घाट उतारने के बाद चारों बाइक से देवास भाग गए। देवास से चारों महाराष्ट्र मालेगांव चले गए लेकिन पैसे खत्म होने की वजह से चारों पैसे लेने के लिए वापस उज्जैन आये और पैसे लेकर वापस मुंबई भागने की फिराक में थे। इस बीच पुलिस को सूचना लगी और पुलिस ने चारों को दबोच लिया। आरोपियों को गिरफ्तार करने में एडिशनल एसपी नीरज पांडेय और सीएसपी हंसराज सिंह के निर्देशन में महाकाल थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर,सब इंस्पेक्टर हेमंत सिंह जादौन,ओ पी जोशी, ए एस आई उधम सिंह,आरक्षक इंद्र विक्रम सिंह, मनीष यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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