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उज्जैन देश का सबसे साफ सुथरा शहर,10 लाख की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में मारी बाजी, राष्ट्रपति ने महापौर और निगम।आयुक्त को किया पुरस्कृत

उज्जैन देश का सबसे साफ सुथरा शहर,10 लाख की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में मारी बाजी, राष्ट्रपति ने महापौर और निगम।आयुक्त को किया पुरस्कृत

  06 Mar 2019

वीवीएस सेंगर
उज्जैन। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में उज्जैन ने बाजी मार ली है। 10 लाख की आबादी वाले देशभर के शहरों में उज्जैन सबसे साफ सुथरा शहर चयनित किया गया है। वहीं ओवरऑल शहरों की कैटेगरी में उज्जैन को देश केें तीसरे सबसे साफ शहर के रूप में जगह मिली है। प्रथम स्थान पर इंदौर, द्वितीय स्थान पर अहमदाबाद तृतीय स्थान पर उज्जैन शहर को चुना गया है। वहीं 3 से 10 लाख आबादी वाले क्षेत्र में स्वच्छता में उज्जैन को प्रथम स्थान में चयनित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में यह पुरस्कार महापौर मीना जोनवाल और आयुक्त प्रतिभा पाल को दिया गया। उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम उज्जैन को पिछले वर्ष उज्जैन शहर को 17 स्थान प्राप्त हुआ था। महापौर मीना जोनवाल ने शहर वासियों का आभार मानते हुए कहा कि उज्जैन शहर को 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले क्षेत्र में प्रथम एवं पूरे देश में तीसरा स्थान चयनित किए जाने पर सभी नागरिकों,संस्थाओं,स्कूली बच्चों का सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है।उज्जैन। उज्जैन को स्वच्छता इनोवेशन व बेहतर सेवाओं में 3 नेशनल अवॉर्ड भी मिले हैं।वहीं आयुक्त प्रतिभा पाल ने निगम टीम को बधाई देते हुए सभी सकारात्मक फीडबैक के लिए आभार माना है। स्वच्छता में देश में तीसरे स्थान की खबर लगते ही नगर निगम मुख्यालय पर निगम कर्मचारियों द्वारा आतिशबाजी की गई एवं मिठाई का वितरण किया गया।

■ शहर की सुंदरता को सर्वेक्षण टीम ने सराहा
प्रमुख मंदिरों से रोज निकलने वाले निर्माल्य से ऑर्गेनिक अगरबत्ती, शिप्रा के कचरे-पूजन सामग्री से कागज के बैग-फाइल बनाने की यूनिट व शहर के प्रमुख हिस्से डस्टबिन फ्री करने के कामों ने उज्जैन को देशभर में खास शहर बना दिया। इन कामों के बूते शहर को स्वच्छता इनोवेशन व सर्विस के तीन नेशनल अवॉर्ड मिले। बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रपति की मौजूदगी में आयोजित समारोह में ये अवॉर्ड प्रदान किए गए। इधर, स्वच्छता सर्वेक्षण की कसौटी पर भी शहर खरा उतरा, हालांकि फाइव स्टार रेटिंग हासिल करने में शहर पिछड़ गया। इस पैमाने पर बंदोबस्त खरे नहीं उतरे।

■ कचरे को भी उपयोगी बनाया
स्वच्छता सर्वेक्षण के साथ शहर में इस क्षेत्र में इनोवेशन व नई तकनीकों का सहारा लेकर कचरे को भी उपयोगी बनाया गया, जिसमें मंदिरों के फूल-पत्ती से अगरबत्ती बनाने का काम शुरू हुआ तो शिप्रा से निकलने वाले कचरे, कपड़े व अन्य सामग्री से पेपर बैग बनाना शुरू किए गए। इन कार्यों ने देश के नगर निगमों की अपेक्षा उज्जैन को कुछ अलग व खास बनाया, जिसने शहर को तीन एक्सीलेंस नेशनल अवॉर्ड प्राप्त कराए।

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