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सोमवती अमावस्या के स्नान के लिये प्रशासन ने शुरू किया होमवर्क, उज्जैन से लेकर देवास तक शिप्रा पर बने स्टॉपडेम का किया निरीक्षण

सोमवती अमावस्या के स्नान के लिये प्रशासन ने शुरू किया होमवर्क, उज्जैन से लेकर देवास तक शिप्रा पर बने स्टॉपडेम का किया निरीक्षण

  27 Jan 2019

वीवीएस सेंगरउज्जैन। मकर संक्रांति के स्नान के लिए मोक्षदायिनी पुण्य सलिला शिप्रा में अपने भगीरथ प्रयासों से पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने में सफल रहे प्रशासन ने सोमवती अमावस्या पर शिप्रा में स्नान के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करने के लिए अभी से होमवर्क शुरू कर दिया है। रविवार को इसी के चलते संभागायुक्त अजीत कुमार और कलेक्टर शशांक मिश्र ने उज्जैन से लेकर देवास तक शिप्रा की ‘लंबाई’ मापी और देवास में नदी पर बनेशिप्रा बैराज और विभिन्न स्टापडेम्स का निरीक्षण किया। सबसे पहले संभागायुक्त और कलेक्टर ने निनौरा स्टापडेम का निरीक्षण किया। उन्होंने नर्मदा का पानी त्रिवेणी तक लाने के लिये बीच की सभी बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिये। वहां नदी किनारे लगी पानी की मोटरें तत्काल हटवाकर जप्त करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। संभागायुक्त ने कहा कि आगामी 2 फरवरी तक सभी स्टापडेम्स में पर्याप्त पानी आ जाना चाहिये तथा रविवार 3 फरवरी की शाम तक जलस्तर मेंटेन हो जाना चाहिये, ताकि सोमवती अमावस्या पर्व स्नान पर श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।इसके बाद संभागायुक्त और कलेक्टर ने किठौदा डेम में जलस्तर का निरीक्षण किया। वहां पानी का स्तर काफी कम होने पर नाराजगी व्यक्त की तथा पानी के पम्प तत्काल हटाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से कहा कि 31 जनवरी और एक फरवरी को वे फिर निरीक्षण करेंगे। तब एक भी पम्प नदी किनारे नहीं दिखना चाहिये। किठौदा डेम के समीप रखे लोहे के गेट्स हटवाने और वहां साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिये। डेम में लगे गेट्स के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। अधिकारियों ने संभागायुक्त और कलेक्टर को जानकारी दी कि सिंचाई के कारण, कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण होने के कारण और आसपास बोरिंग करवाये जाने के कारण नदी का जलस्तर कम हो जाता है। पहले शहर का प्रमुख जलस्त्रोत शिप्रा नदी ही थी, लेकिन बाद में गंभीर बांध बन जाने के पश्चात शिप्रा नदी पर निर्भरता कम हुई है।संभागायुक्त अजीत कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्व स्नान के लिये पानी का एकसमान फ्लो मेंटेन किया जाये। इसके बाद संभागायुक्त और कलेक्टर द्वारा आलमपुरा उड़ाना के स्टापडेम का निरीक्षण किया गया। आलमपुर उड़ाना की ओर आने वाले मार्ग को दुरूस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। संभागायुक्त ने देवास के स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि शिप्रा बैराज से सोमवती अमावस्या पर्व स्नान को ध्यान में रखते हुए आगामी एक फरवरी की शाम को 6 बजे पानी छोड़ा जाये, ताकि समय पर वह उज्जैन पहुंच सके। अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि 3 फरवरी तक प्रमुख स्नान घाटों पर पर्याप्त पानी आ जायेगा। उल्लेखनीय है कि सोमवती अमावस्या पर्व स्नान पर रामघाट पर अधिक भीड़ रहती है, जिसे देखते हुए संभागायुक्त ने स्नान पर्व के दौरान विशेष तैयारियां करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

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